5G Technology क्या है और भारत में 5G कब शुरू होगी

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भारत में 4G व Jio आने के बाद से इंटरनेट के मामले में एक क्रांति सी आ गयी है और सभी टेलिकॉम कंपनियों में एक दूसरे से आगे जाने की होड़ सी लग गई है। जब से 4G भारत में आई है लोगों को इंटरनेट के मामले में काफी अच्छी सुविधाएं सस्ते दामों में मिली हैं, जिसमें Jio एक मुख्य कंपनी है जो सबसे ज्यादा सस्ती 4G इंटरनेट सर्विसेज उपलब्ध करवाती है। अब 4G नेटवर्क पूरे भारत में काफी ज्यादा फैल गया है।

लेकिन क्या आपको पता है कि 4G के बाद अभी भारत में 5G Technology भी आने वाली है? जी हाँ, अभी भारत में जल्द ही 5G भी आने वाली है और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गयी हैं। टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने IIT चेन्नई में 5G ट्रायल के लिए सेटअप तैयार किया है, जिसका मकसद इंडस्ट्री को तेज रफ्तार वाले नेटवर्क की जल्द शुरुआत करने में मदद करना है।

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के कई देश इस टेक्नोलॉजी ला लाने या स्थपित करने में जुट गए हैं। 2020 में यह 5G टेक्नोलॉजी दुनियां के कई बड़े देशों में शुरू भी हो जाएगी। ज्यादातर देश इसका ट्रायल शुरू कर चुके हैं और इसको जल्दी ही लॉन्च करने की तैयारी में हैं। लेकिन क्या है यह 5G टेक्नोलॉजी? 5G तकनीक कैसे काम करती हैं ओर 5G भारत में कब तक शुरू हो जाएगी?

5G से जुड़े इन्हीं सब सवालों का जवाब आज मै आपको इस पोस्ट में देने वाला हूँ कि आखिर 5G नेटवर्क क्या है? 5G नेटवर्क आने के बाद दुनिया कैसी होगी ओर यह 4G नेटवर्क या 4G टेक्नोलॉजी से कैसे अलग होगी? तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं 5G Technology के बारे में विस्तार से हिंदी में

5G क्या है और 5G भारत में कब लॉन्च होगी (5G Technology Full Details In Hindi)

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क्या है 5G टेक्नोलॉजी

5G का Full Form है Fifth Generation। ये Fifth-generation wireless, या 5G, बहुत ही latest cellular technology है, जिसे की ख़ास तौर से engineered किया गया है जिससे की wireless networks की speed और responsiveness को आसानी से बढाया जा सके।

दूसरे शब्दों में कहें तो 5G हमारे आपके लिए यह एक अल्ट्रा स्पीड नेटवर्क होगा जिसमें 20 गीगाबाइट प्रति सेकंड की स्पीड मिलेगी। mobile पर टच करते ही एक सेकंड के हजारवें हिस्से यानि एक मिलीसेकंड से भी कम समय में वेबपेज खुल जाएगा या वीडियो चलने लगेगा। पूरी फिल्म 5G नेटवर्क पर पांच से छह सेकंड में डाउनलोड हो जाएगी। 5G, में data को wireless broadband connections के माध्यम से लगभग 20 Gbps से भी ज्यादा की speed में transmit किया जा सकता है।

5G को हम एक इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड कहा जा सकता है, जो वर्तमान में चल रही 4G LTE स्टैण्डर्ड से भी ज्यादा फ़ास्ट होने वाला है। उसी तरह जैसे 3G की जगह पर 4G आया है, उसी तरह से 4G के स्थान पर पांचवी पीढ़ी का नेटवर्क 5G के तौर पर सामने आया है, इसे आप एक नई पीढ़ी का स्टैण्डर्ड कह सकते हैं।

5G की स्पीड क्या होगी

अब बात करते हैं कि 5G कितना तेज़ होने वाला है और इसमें कितनी स्पीड मिलने वाली है। अगर हम बात करें 4G LTE की तो इसमें सबसे ज्यादा 46 Mbps से लेकर 100 Mbps की स्पीड मिल सकती है। ये बात अलग है कि 4G अभी इतनी स्पीड नहीं दे पाता है और भारत में अभी भी 4G नेटवर्क का विकास नहीं हो पाया है।

अब बात करे 5G की तो यह 4G से 20 गुणा अधिक तेज़ होने वाला है। 5G टेक्नोलॉजी 10 Gigabites प्रतिसेकंड यानी 10Gbps की स्पीड के साथ आने वाला है। Downloading speed की बात करें तो 4G में जहां एक 2 से 3 घंटे की फ़िल्म को 6 मिनट में डाउनलोड कर पाते हैं वहीं आप 5G में उस फ़िल्म को 5-6 सेकण्ड्स में ही डाउनलोड कर सकेंगे। तो यहीं से आप समझ सकते हैं कि इसकी स्पीड कितनी तेज़ होगी।

5G टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है

5G नेटवर्क में एक बिलकुल ही नए रेडियो स्पेक्ट्रम बैंड पर काम करता है, आपको बता देते हैं कि 5G मिलीमीटर वेव्स कस इस्तेमाल करता है। यह हाई फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करेगा, 3.5GHz से 26GHz या उससे भी ज्यादा पर। इस फ्रीक्वेंसी बैंड में वेव लेंथ छोटे होते हैं। लेकिन परेशानी यह है कि छोटे वेव लेंथ को आसानी से रोका जा सकता है।

इसके लिए कई ट्रांसमीटर लगाने होंगे, जिस पर ख़र्च ज़्यादा आएगा और टेलिकॉम कंपनियां निवेश और फ़ायदे पर सोच कर ही इसे भारत में शुरू करेंगी। 5G तकनीक में दो तरह के टावरों का उपयोग किया जाएगा। एक बड़ा टावर होगा जिसको माइक्रो नेटवर्क कहा जाएगा और एक छोटा टावर होगा जिसको हम छोटा सैल नेटवर्क कह सकते हैं। छोटे सैल नेटवर्क वाले टावर 5G को विस्तृत क्षेत्र तक पहुंचाने में मदद करेंगे। इसी आधार पर 5जी तकनीक काम करेगी।

4G LTE Vs 5G

अब बात करते हैं 4G व 5G में तुलना की कि ये एक दूसरे से कैसे भिन्न होंगी। जैसा कि आप जानते हैं कि 4G तकनीक पूर्व की 3G तकनीक का उत्तराधिकारी या इसकी अगली तकनीक है। इसमें अधिकतम 1GBPS तक स्पीड मिल सकती है, लेकिन भारत में 4G की स्पीड इतनी नहीं आती। भारत में यह स्पीड 45 से 100 एमबीपीएस तक ही सीमित रह जाती है। लेकिन अगर बात करें 5G की तो यब 4G की तुलना में काफी तेज होगी। जिस तरह 4जी के आगे 3जी नहीं टिक पाती है, वैसे ही 5G के आगे 4G की स्पीड काफी कम रह जाएगी।

यह पूरी तरह 4G तकनीक से अलग होगा। यह नई रेडियो तकनीक पर काम करेगा। हालांकि शुरुआत में यह अपने ऑरिजिनल स्पीड में काम करेगा या नहीं, यह भी तय नहीं है क्योंकि यह सबकुछ टेलिकॉम कंपनियां के निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है।

5G के फ़ीचर्स या खासियत –

  • इसमें Up to 10Gbps data rate का होना। इसके साथ 10 to 100 गुणा की rate में network improvement होना 4G और 4.5G networks की तुलना में।
  • इसमें 1000 गुणा bandwidth per unit area का होना।
  • इसमें हमें 1 GB से लेकर 10 GB प्रति सेकण्ड्स की downloading speed आसानी से मिल सकती है।
  • इसमें हम Up to 100 गुणा number के connected devices per unit area (अगर हम 4G LTE के साथ तुलना करें) तक connect कर सकते हैं।
  • ज्यादा capacity होती है जो की इसे ज्यादा devices के साथ concurrently और instantaneously connect होने में मदद करती है।
  • ये बेहतर connectivity प्रदान करती है किसी भी geographic region की अगर आप बात करें तब।
  • 5G को स्थापित करने के लिए दुनियाभर की सरकारे व कंपनियां साथ मिलकर काम कर रही हैं।

5G के लिए प्रमुख चुनोतियाँ

  • डिजिटल ढाँचा तैयार करने के लिये खासतौर पर सार्वजनिक वायरलेस सेवाओं का विस्तार, विभिन्न अभियांत्रिकी क्रियाकलापों को अंत:संबद्ध करने हेतु साझी संरचना का अभाव और अनुकूल स्पेक्ट्रम नीति का न होना।
  • 5G तक संक्रमण एक लागतजन्य प्रक्रिया है। साथ ही,भारत के पास मजबूत बैकहॉल (Backhaul) का अभाव है। बैकहॉल नेटवर्क का एक प्रकार होता है जो सेल साइट्स को सेंट्रल एक्सचेंज से जोड़ता है।
  • अभी भी भारतीय बाज़ार और समाज 4G के प्रति मंद गति से अनुकूल हो रहा है और इसके प्रयोग को लेकर पूर्णतः आश्वस्त (डिजिटल साक्षरता एवं जागरूकता का अभाव के कारण) नहीं है। ऐसे में 5G के उपयोग हेतु यह पूर्ण विकसित नहीं है।
  • 5G नेटवर्क सेवा देना किसी एक कंपनी के वश की बात नहीं है। इसके लिए सरकारों, दुनियाभर की कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर्स को एक साथ काम करना होगा। 5G नेटवर्क तभी सफल होगा जब दुनियाभर के लोगों और देशों के बारे में कई तरह की जानकारियों तक इसका एक्सेस होगा।

दुनियां में 5G सेवा वाले देश

चीन में 5G सेवा शुरू कर दी गई हैं और यह 5G सेवा शुरू करने वाला दुनिया का सबसे पहला देश है। हालांकि अभी तक चीन के मुख्य शहरो में ही यह सेवा शुरू की गई है, पूरे चीन में 5G शुरू होने में थोड़ा और समय लग सकता है।

इसके अलावा भी बहुत से देश हैं जो 5G का ट्रायल पूरा करके अपने देश के मुख्य शहरो में 5G शुरू कर चुके हैं, जिनमें मुख्य देश साउथ कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, United states हैं। इसके अलावा स्विट्जरलैंड व Nordic Countries में 5जी का ट्रायल काफी पहले शुरू हो चुका है और जल्द ही 5G शुरू होने की सम्भावना है।

भारत में 5G कब आएगा

5G सेवा भारत में कब तक शुरू होगी, यह कहना फिलहाल थोड़ा मुश्किल है। भारत में अभी 4G सेवाओं के लिए ही ठीक से इंटरनेट नेटवर्क काम नहीं कर रहा इसलिए यहां 5G आने में वक्त लग सकता है। मोबाइल उपकरण बनाने वाली स्‍वीडन की कंपनी एरिक्‍सन ने अपने एक बयान में कहा है कि अगली पीढ़ी की 5जी टेक्‍नोलॉजी पर आधारित मोबाइल सेवाएं देश में 2022 तक उपलब्‍ध होने की पूरी संभावना है।

बता दें कि अभी तक भारत में 5G सेवाओं का ट्रायल भी पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है। जून के मध्य में डिजिटल कम्युनिकेशन्स कमीशन (DCC) ने 5G ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम से जुड़े नियमों को मंजूरी दी थी। 3GPP (3rd Generation Partnership Project) ने 5G NR (New Radio) के प्रारंभिक चरण में तेजी लाने का निर्णय लिया है।

ट्राई ने 5G सेवा लाने पर काम शुरू कर दिया है। टेलिकॉम कंपनियों के दावे ओर ट्राई के निर्देशों की माने तो 5जी सेवाएं 2022 तक देश में उपलब्ध हो जाएंगी और 2025 के अंत तक देश में 5जी यूजर्स की संख्या कुल मोबाइल कनेक्शन का पांच प्रतिशत होगा। यानी आपको अभी 2022 तक 5G के लिए इंतजार करना होगा।

तो दोस्तों, ये थी 5G टेक्नोलॉजी, जो दुनिया के कुछ देशों में शुरू हो चुकी है और बहुत से देशों में इसके ट्रायल चल रहे हैं। भारत में भी 5G सेवा जल्द ही लाने के लिए सरकार और सभी टेलिकॉम कंपनियां लगातार प्रयास कर रही हैं और 2022 तक यह भारत में 5जी इंटरनेट सेवा शुरू कर दी जाएगी। जब भारत में 5जी शुरू हो जाएगी तो यह इंटरनेट और डिजिटल दुनिया की एक नई ही शुरुआत होगी।

आज फ़ास्ट इंटरनेट कनेक्शन सभी के लिए बहुत ही अहम बन गया है, खाश करके जबसे 4G भारत में आया है तक से इंटरनेट की खपत ज्यादा हो गयी है और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता। ऐसे में 5G सेवा भारत में शुरू होना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। फिलहाल आपको इस तेज स्पीड इंटरनेट सेवा के लिए एक दो साल ओर इन्तेजार करना होगा।

फिलहाल 5G Technology को लेकर इस पोस्ट में बस इतना ही। अगर आपके मन में अभी भी 5G को लेकर कोई सवाल है तो आप हमसे निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपना सवाल आप हमसे 5g की बारे में कर सकते हैं। हम आपकी 5G को लेकर सारी सहायता करने की कोशिस करेंगे। ऐसी ही टेक्नोलॉजी ओर इंटरनेट से जुड़ी जानकारियों के लिए जुड़े रहिये हमारी वेबसाइट Technical Guruji के साथ। धन्यवाद..!

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1 Comment
  1. Amit says

    i found some intresting about Nepal

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